गाजियाबाद (शिखर समाचार)। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से संचालित मिशन सामर्थ्य के अंतर्गत सोमवार को दो दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए कियोस्क उपलब्ध कराए गए। सेवा संकल्प अभियान के तहत संयुक्त चिकित्सालय लोनी के मुख्य द्वार के निकट 90 प्रतिशत दिव्यांग वीरेंद्र और उनकी पत्नी को कियोस्क दिया गया। इसका उद्घाटन उप जिलाधिकारी लोनी दीपक सिंघनवाल ने किया। वहीं मोहन नगर में मेट्रो खंभा संख्या-310 के पास दिव्यांग संजय को उपलब्ध कराए गए कियोस्क का उद्घाटन जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने किया।
दो दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए मिले कियोस्क
वीरेंद्र लोनी क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी पत्नी नीरज और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार की आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से दंपत्ति को स्वरोजगार के लिए कियोस्क उपलब्ध कराया गया है। वहीं संजय इस कियोस्क के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू कर नियमित आय अर्जित कर सकेंगे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने दोनों स्थानों पर कियोस्क की स्थापना के लिए आवश्यक समन्वय किया।
सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आगे भी जारी रहेगी प्रक्रिया
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कियोस्क के निर्माण में भारत विकास परिषद ने आर्थिक सहयोग दिया, जबकि नीव शक्ति संस्थान की रीचा वल्लभ के नेतृत्व में संस्था ने जिला प्रशासन और विभाग के साथ समन्वय कर निर्माण एवं स्थापना में सहयोग किया। अधिकारियों के अनुसार मिशन सामर्थ्य का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित न रखकर उन्हें स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। सामाजिक संस्थाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व निधि के सहयोग से पात्र दिव्यांगजनों को कियोस्क उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। कार्यक्रम में नीव शक्ति संस्थान तथा भारत विकास परिषद के पदाधिकारी और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
