बिजनौर जिला कारागार में बंद हिस्ट्रीशीटर की संदिग्ध मौत से हड़कंप, परिजनों और आजाद समाज पार्टी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन

Rashtriya Shikhar
4 Min Read
A stir erupted after the suspicious death of a history-sheeter lodged in Bijnor District Jail, leading to strong protests by family members and Azad Samaj Party workers. IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

बिजनौर (शिखर समाचार)। जिला कारागार में बंद एक सजायाफ्ता बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से शनिवार को पूरे शहर में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दीपक पुत्र चंद्रपाल निवासी ग्राम पृथ्वीपुर, थाना शहर कोतवाली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बंदी ने जेल परिसर में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए तथा पूरे घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर कृष्ण बहादुर सिंह ने बताया कि मृतक दीपक शहर कोतवाली क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ लूट, डकैती के प्रयास तथा अन्य गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह 18 फरवरी 2025 से लूट के एक मामले में जिला कारागार में निरुद्ध था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।

उधर, दीपक की मौत की खबर मिलते ही

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

उधर, दीपक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन बड़ी संख्या में जिला अस्पताल, जजी चौक और पोस्टमार्टम गृह पहुंच गए। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन मामले की सच्चाई छिपाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब आजाद समाज पार्टी के

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी परिजनों के समर्थन में सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए जजी चौक और आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया और हालात पर नजर रखी गई।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और प्रदर्शनकारियों

ALSO READ: https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को भी शांति व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
घटना के बाद जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

Share This Article
Leave a comment