खतौली / मुजफ्फरनगर (शिखर समाचार)।
खतौली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष हाजी शाहनवाज़ लालू की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां बहाल होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। समर्थकों ने इस फैसले को सच्चाई की जीत बताया, वहीं चेयरमैन ने इसे जनता की जीत करार दिया।
चेयरमैन का बयान और समर्थकों की प्रतिक्रिया
चेयरमैन हाजी शाहनवाज़ लालू ने कहा कि यह केवल उनकी जीत नहीं, बल्कि खतौली की जनता की जीत है। उन्होंने बताया कि विरोधियों ने साजिश रचकर विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन सच की जीत हुई है। फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है और इसे क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बताया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 8 नवंबर 2023 को जारी उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत चेयरमैन की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगाई गई थी। इस मामले में चेयरमैन ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद कार्य करते रहे।
कानूनी प्रक्रिया और हाईकोर्ट का आदेश
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मामले की जड़ उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद थी, जिसे विपक्ष ने चुनौती दी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने पहले ही जिला व राज्य स्तरीय समितियों के उन आदेशों को रद्द कर दिया था, जिनमें प्रमाण पत्र को अवैध बताया गया था। अदालत ने स्पष्ट रूप से प्रमाण पत्र को वैध माना।
इसके खिलाफ विपक्षी पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन 14 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर कोई विवाद शेष नहीं है, तो चेयरमैन की शक्तियों पर रोक बनाए रखना कानून सम्मत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी और डिवीजन बेंच का निर्णय
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अदालत ने यह भी माना कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रमाण पत्र को वैध ठहराए जाने के बाद 2023 का आदेश स्वतः ही प्रभावहीन हो गया। सरकारी अधिवक्ता ने भी इस तथ्य का विरोध नहीं किया।
फैसले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और विकास कार्यों की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
