मुरादनगर (शिखर समाचार)
ग्राम कन्नौजा में आयोजित भव्य 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला में पहुँचकर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विश्व शांति एवं मानव कल्याण के लिए आहुतियाँ समर्पित कीं।
वैदिक विधि विधान और देवी-देवताओं का आह्वान
महायज्ञ के विशेष सत्र में वैदिक विधि विधान के साथ 33 जोड़ों द्वारा 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान एवं पूजन संपन्न हुआ। जय महाकाल के जयघोष और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शांतिकुंज से आई टोली ने बताया कि यज्ञ के माध्यम से न केवल वातावरण की शुद्धि होती है, बल्कि दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद भी समस्त क्षेत्र को प्राप्त होता है।
महायज्ञ स्थल पर जनजागरण से संबंधित विभिन्न स्टॉल एवं प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। गुरुकुल योग केंद्र, द सेव लाइफ फाउंडेशन, श्री वेदमाता गायत्री नर्सरी तथा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सुविचारों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से योग, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा एवं भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ जनसामान्य तक पहुँचाई गईं।
पर्यावरण संरक्षण और युवाओं में संस्कार जागरूकता
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आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं आयुर्वेदिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु 1000 से अधिक तुलसी के पौधों का वितरण भी किया गया। साथ ही संस्कारशाला के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं आदर्श जीवनशैली के प्रति प्रेरित किया गया।
संध्या 4 बजे से आयोजित भजन एवं संगीत कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। इस अवसर पर पूरा गांव मानो शांतिकुंज जैसा आध्यात्मिक केंद्र बन गया।
