मेरठ/नई दिल्ली (शिखर समाचार)
नई दिल्ली में आयोजित पाँचवीं वाको इंडिया ओपन किक मुक्केबाज़ी स्पर्धा कप 2026 में इस बार देश और विदेश के खिलाड़ियों का व्यापक जमावड़ा देखने को मिला, जहाँ भारत के तेईस से अधिक राज्यों के प्रतिभागियों के साथ दस अन्य देशों से आए खिलाड़ियों ने भी अपनी ताकत, तकनीक और संतुलन का प्रदर्शन किया। कई दिनों तक चले मुकाबलों में अलग अलग भार वर्गों में कड़े संघर्ष हुए और हर मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। इसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ के ग्राम बटजेवरा निवासी अंतरराष्ट्रीय किक मुक्केबाज़ प्रदीप पाल के पुत्र मास्टर उज्जवल पाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अलग अलग भार वर्गों में पदक हासिल कर अपने परिवार, क्षेत्र, समाज और देश का नाम ऊँचा किया। उज्जवल पाल ने माइनस 32 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक पर कब्जा जमाया, जबकि माइनस 37 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपनी बहुमुखी तैयारी और दमदार खेल क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान उज्जवल ने कई कठिन मुकाबलों में संयम, फुर्ती और आक्रमण रक्षा के संतुलित कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे निर्णायकों और दर्शकों पर गहरी छाप पड़ी। कम आयु में इतने बड़े मंच पर दो पदक जीतना उनकी नियमित साधना, कठोर अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश किक मुक्केबाज़ी महासंघ के महासचिव अरविंद शेरवालिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उज्जवल जैसे खिलाड़ी प्रदेश की खेल प्रतिभा को नई दिशा दे रहे हैं और आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने की क्षमता रखते हैं। प्रशिक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि उज्जवल लगातार अभ्यास, अनुशासन और तकनीकी सुधार पर ध्यान देता है, यही कारण है कि वह अलग अलग भार वर्गों में भी सफल प्रदर्शन कर सका।
ग्रामीण मिट्टी से निकला चमकता सितारा, उज्जवल पाल की जीत ने रचा इतिहास
भारतीय मतदाता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित आदेश फौजी ने भी उज्जवल पाल को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है और यह अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उज्जवल की इस सफलता से मेरठ जनपद और आसपास के क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है तथा स्थानीय खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इसे क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार प्रशिक्षण और अवसर मिलते रहे तो उज्जवल पाल भविष्य में देश के लिए और बड़े सम्मान हासिल कर सकता है।
