बिजनौर (शिखर समाचार) उत्तराखंड के न्याय और सच्चाई के समर्थन में राज्यसभा में जोरदार आवाज उठाने पर मशहूर शायर और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का दिल्ली में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के नेताओं ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर टिहरी जनपद के पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसरफ़ अली, राज्य आंदोलनकारी कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश राणा और बिजनौर के सामाजिक कार्यकर्ता बाबुल हसन मौजूद रहे और उन्होंने सांसद को धन्यवाद ज्ञापित किया।
राज्य आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि जिस प्रदेश से पांच लोकसभा सांसद और तीन राज्यसभा सांसद केंद्र सरकार में बैठे हैं, उन्होंने आज तक इस तरह के संवेदनशील न्यायिक मामलों को उठाने का प्रयास नहीं किया। वहीं, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने न केवल उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के न्याय के लिए आवाज उठाई, बल्कि कोटद्वार के दीपक के साथ हुए अन्याय और सरकारी दबावों के मामले को भी सार्वजनिक रूप से सामने रखा।
संसद में आवाज़ बुलंद: महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए इमरान प्रतापगढ़ी की मिसाल
बिजनौर कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बाबुल हसन ने कहा कि सांसद ने देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं और बच्चों के साथ हो रहे अत्याचार और अन्याय की घटनाओं को भी राज्यसभा में उजागर किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर लोग जाति, धर्म और मंदिर मस्जिद के नाम पर समाज में विष घोलने का प्रयास कर रहे हैं, और सांसद ने इन कुप्रथाओं के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद की।
पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसरफ़ अली ने बताया कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के परिवारों के लिए राहत का कारण बना, बल्कि पूरे देश में न्याय की उम्मीद जगाने वाला भी साबित हुआ। राकेश राणा ने कहा कि ऐसे मुद्दों को संसद में उठाना नेताओं की जिम्मेदारी और समाज के प्रति उनके ईमानदारी का परिचायक है।
इस मौके पर उपस्थित सभी नेताओं ने कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी की पहल से राज्य और देश में न्याय और समानता की उम्मीद को नया संबल मिला है, और यह एक मिसाल बनकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने वाला कदम है।
