ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)।
सनातन परंपराओं के संरक्षण और हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई बस्ती क्षेत्र में बुधवार को विशाल तुलसी कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा गामा-दो, डेल्टा-तीन और आशियाना ऑर्चिड क्षेत्रवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जो एक फरवरी को मातृछाया उद्यान, गामा-दो में होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन के आह्वान का प्रतीक बनी।
कलश यात्रा में भक्ति और उत्साह का रंग: महिलाएं और श्रद्धालु बने आध्यात्मिक उत्सव के हिस्सा
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर तुलसी के पौधों से सजे कलश धारण कर सहभागिता की। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों और भजनों के साथ निकली यह यात्रा भगवा ध्वजों से सजे मार्गों से गुजरती हुई पूरे इलाके में आध्यात्मिक चेतना का संचार करती रही। जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
भारत विकास परिषद की अध्यक्षा सविता शर्मा तथा समिति संरक्षक जी.पी. गोस्वामी ने भगवा ध्वज दिखाकर यात्रा का शुभारंभ कराया। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। महिलाएं पारंपरिक परिधान में भक्ति भाव से नृत्य करती हुई आगे बढ़ती रहीं, जिससे पूरा क्षेत्र सनातन संस्कृति के रंग में रंग गया।
संयोजकों और श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी से यात्रा बनी अनुकरणीय आयोजन
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कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्था में यात्रा संयोजिकाओं विनीता सिंह, रूपा गुप्ता, सरला विधूड़ी, ज्योति सिंह, आरती शर्मा, राकेश देवी, कांता, वंदना, विद्या, कविता, अंजना की विशेष भूमिका रही। इसके अलावा आचार्य मनीष कौशिक, संदीप सिंह, सुशील भाटी, आर.के. धामा, कौशल गुप्ता, सुधीर भाटी, गजेंद्र विधूड़ी, नेपाल सिंह, अभिषेक मेवाड़ा, विशाल, पुरुषोत्तम पंडित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
तुलसी कलश यात्रा के माध्यम से आयोजकों ने समाज को यह संदेश दिया कि सनातन संस्कृति केवल आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों का आधार है। यात्रा का समापन शांतिपूर्वक हुआ और आगामी विराट हिंदू सम्मेलन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।
