नोएडा (शिखर समाचार) उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक अहम निर्णय लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। वर्तमान में वे प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और अब उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
गोरखपुर से प्रदेश स्तर तक: कृष्णा करुणेश की प्रशासनिक छाप और प्रभाव
कृष्णा करुणेश इससे पहले पूर्वांचल के प्रमुख जनपद गोरखपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं। गोरखपुर में उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक अनुशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े फैसलों के लिए उनकी अलग पहचान बनी। शासन और संगठन के स्तर पर उनकी कार्यशैली को परिणाम देने वाली माना जाता रहा है।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कृष्णा करुणेश मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र अधिकारियों में शामिल हैं। जटिल परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता, योजनाओं की गहरी समझ और विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का अनुभव उनकी प्रमुख ताकत मानी जाती है।
नोएडा की तेजी से बढ़ती राह: नए नेतृत्व से परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/discussion-on-ghaziabad-in-the-review-meeting/
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, आवासीय योजनाओं, औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व मिलने से प्राधिकरण के कामकाज में समन्वय और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा लंबित परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी।
शासन के इस फैसले को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नोएडा प्राधिकरण प्रदेश के सबसे अहम विकास निकायों में शामिल है और यहां लिए गए निर्णयों का सीधा असर लाखों लोगों पर पड़ता है।नोएडा (शिखर समाचार) उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक अहम निर्णय लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा है। वर्तमान में वे प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और अब उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
गोरखपुर से शासन की मिसाल: कृष्णा करुणेश की प्रभावशाली प्रशासनिक पहचान
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/administration-took-strict-action-on-illegal/
कृष्णा करुणेश इससे पहले पूर्वांचल के प्रमुख जनपद गोरखपुर में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं। गोरखपुर में उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक अनुशासन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े फैसलों के लिए उनकी अलग पहचान बनी। शासन और संगठन के स्तर पर उनकी कार्यशैली को परिणाम देने वाली माना जाता रहा है।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कृष्णा करुणेश मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र अधिकारियों में शामिल हैं। जटिल परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता, योजनाओं की गहरी समझ और विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का अनुभव उनकी प्रमुख ताकत मानी जाती है।
नोएडा की विकास यात्रा को नई गति: नेतृत्व में प्राधिकरण की प्रभावी कार्यप्रणाली की उम्मीद
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/an-alert-has-been-issued-in-the-meerut/
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, आवासीय योजनाओं, औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व मिलने से प्राधिकरण के कामकाज में समन्वय और गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा लंबित परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी।
शासन के इस फैसले को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नोएडा प्राधिकरण प्रदेश के सबसे अहम विकास निकायों में शामिल है और यहां लिए गए निर्णयों का सीधा असर लाखों लोगों पर पड़ता है।
