खाकी खादी की सांठगांठ से नगीना में फल फूल रहा अवैध खनन का गोरखधंधा

Rashtriya Shikhar
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Illegal mining racket flourishes in Nagina due to nexus between Khaki and Khadi IMAGE CREDIT TO REPORTER

बिजनौर (शिखर समाचार)
नगीना तहसील क्षेत्र में अवैध रेत बजरी खनन का कारोबार खुलेआम फल फूल रहा है। आरोप है कि खाकी और खादी की आपसी मिलीभगत के चलते रात के अंधेरे में नदियों का सीना छलनी किया जा रहा है। खनन माफिया के आगे नगीना देहात पुलिस पूरी तरह बेबस नजर आ रही है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध गतिविधि की शिकायतें जिला प्रशासन, पुलिस विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं, इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

नगीना देहात की खो-नदियों में रेत-रेवड़ी का बाजार: अवैध खनन में करोड़ों की रातोंरात कमाई, सत्ता और अधिकारियों पर आरोप

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नगीना देहात क्षेत्र में बहने वाली कई खो नदियां इस समय अवैध खनन का केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सत्ताधारी दल से जुड़े प्रभावशाली लोगों और कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की निगाहें इन नदियों पर टिकी रहती हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए चंद रातों में करोड़ों की कमाई की जाती है। पहले नियमों के तहत पट्टों की आड़ में भारी मशीनों से खनन कराया जाता था, लेकिन पिछले कई महीनों से शासन स्तर पर पट्टे न होने के बावजूद जेसीबी, पोकलैंड मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए धड़ल्ले से रेत और बजरी निकाली जा रही है।

बताया जाता है कि रात होते ही नदियों में भारी मशीनें उतार दी जाती हैं और बिना किसी भय के खनन चलता रहता है। जो भी व्यक्ति इस अवैध कार्य का विरोध करने की हिम्मत करता है, उसे दबंग खननकर्ताओं द्वारा धमकाया जाता है। क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जिससे कोई भी खुलकर आवाज नहीं उठा पा रहा।

अवैध खनन का नया खेल: ट्रैक्टर-ट्रॉली पर ‘मोटी वसूली’, जांच टीम से पहले ही हो जाती है अलर्टिंग

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सूत्रों के अनुसार अवैध खनन करने वालों से प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली कथित रूप से मोटी रकम वसूली जाती है। एक ही रात में दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉली रेत और बजरी से भरकर निकल जाती हैं। यह भी आरोप है कि जब कभी बाहर से जांच टीम आने की सूचना मिलती है, तो पहले ही सतर्क कर दिया जाता है। इसके बाद मशीनों से गड्ढों को समतल कर दिया जाता है, जिससे जांच के दौरान सब कुछ सामान्य प्रतीत हो और कोई ठोस कार्रवाई न हो सके।

अवैध और ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलियों की आवाजाही से क्षेत्र की सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। हाल ही में बनी करोड़ों रुपये की सड़कें जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं और लिखित शिकायतें भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगातार अनदेखी के चलते खनन माफिया के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब वे अवैध खनन रोकने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत भेजने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि इस लूट पर लगाम लग सके।

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