टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग पर शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अहम वार्ता

Rashtriya Shikhar
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Important conversation of the teacher delegation with the Union Education Minister on the demand to end the Tet requirement IMAGE CREDIT TO फेडरेशन

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। देशभर के लगभग पच्चीस लाख शिक्षकों से जुड़े टेट की अनिवार्यता के विषय को लेकर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से विस्तार से संवाद किया। यह वार्ता शिक्षकों के हितों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल की ओर से फेडरेशन के संरक्षक एवं सांसद जगदंबिका पाल ने विषय की गंभीरता को रखते हुए शिक्षकों का पक्ष मजबूती के साथ सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेट की बाध्यता के कारण लंबे समय से कार्यरत योग्य शिक्षक मानसिक दबाव और असमंजस की स्थिति में हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

टेट अनिवार्यता पर उठे सवाल: शिक्षकों की अनुभव और सेवा अवधि को भी मिले न्याय

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बैठक में फेडरेशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेघराज भाटी तथा राधेरमन त्रिपाठी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम से संबंधित सभी पत्रों और प्रावधानों के प्रत्येक बिंदु पर तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की और यह बताया कि किस प्रकार टेट की अनिवार्यता व्यवहारिक कठिनाइयों को जन्म दे रही है। शिक्षकों के अनुभव, सेवा अवधि और प्रशिक्षण को आधार बनाकर टेट से राहत दिए जाने की मांग रखी गई।

यह संवाद दो चरणों में संपन्न हुआ। पहले चरण में मंत्री के आवास पर संक्षिप्त चर्चा हुई, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने संसद कार्यालय में विस्तृत वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया। वहां विषय के हर पहलू पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान मंत्री द्वारा दिए गए उत्तर और आश्वासन शिक्षकों के लिए संतोषजनक बताए जा रहे हैं, जिससे उम्मीद जगी है कि इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस वार्ता को शिक्षकों के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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