हापुड़ (शिखर समाचार) नगर के सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण आनंद विहार क्षेत्र के एच ब्लॉक में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कन्वेंशन केंद्र का निर्माण कराने जा रहा है। इस बहुउद्देशीय भवन का नाम महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम रखा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जबकि निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ होने की संभावना है।
48 करोड़ की लागत से बनेगा भविष्य का कन्वेंशन केंद्र, हरित तकनीक और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगा आयोजन का स्वरूप
यह कन्वेंशन केंद्र लगभग सत्रह हजार चार सौ नौ वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब अड़तालीस करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्राधिकरण द्वारा इसे पर्यावरण अनुकूल भवन अवधारणा के तहत तैयार किया जाएगा, ताकि ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ हरित वातावरण को बढ़ावा मिल सके। भवन में आधुनिक नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे यह क्षेत्र का एक प्रमुख आयोजन स्थल बन सके।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नितिन गौड़ के अनुसार कन्वेंशन केंद्र में उन्नत ध्वनि और दृश्य प्रदर्शन प्रणाली, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन अलार्म प्रणाली, लिफ्ट, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत संयंत्र और सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था उपलब्ध होगी। आंतरिक सज्जा को आकर्षक और उपयोगी बनाया जाएगा, जिससे विभिन्न प्रकार के आयोजनों के लिए यह स्थान उपयुक्त साबित हो।
एक छत के नीचे 600 लोगों की भव्य क्षमता, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा दो मंजिला कन्वेंशन भवन
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दो मंजिला इस भवन में एक समय में लगभग छह सौ लोगों के बैठने की क्षमता होगी। सभी उपस्थित लोग एक साथ प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रम या प्रस्तुतियां देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त भवन में विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग मार्ग, जलपान गृह, तहखाने में वाहन पार्किंग, तथा खुले वातावरण में चलचित्र प्रदर्शन की सुविधा भी प्रस्तावित है।
कन्वेंशन केंद्र के निर्माण के बाद यहां बैठकों, प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत आयोजनों और अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकेगा। इससे न केवल जिले की सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कुल मिलाकर यह परियोजना हापुड़ के विकास में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
