नई दिल्ली (शिखर समाचार) वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट शिविर में देशभर के लगभग 6 लाख कैडेटों ने शामिल होकर अपने उत्साह और देशभक्ति की मिसाल पेश की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में ड्रोन उड़ाने से लेकर नवाचार और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण तक कई गतिविधियाँ शामिल थीं, जिनमें युवा प्रतिभाओं ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
ड्रोन प्रशिक्षण और नवाचार प्रतियोगिता से कैडेटों को मिला तकनीकी और नेतृत्व कौशल में बढ़ावा
शिविर में चार दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संस्थान (आरपीटीओ) के माध्यम से कैडेटों को ड्रोन उड़ाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, 3000 कैडेटों को कौशल विकास कार्यशालाओं में शामिल कर उन्हें तकनीकी और नेतृत्व कौशल से लैस किया गया। पहली बार आयोजित विचार एवं नवाचार प्रतियोगिता में 340 कैडेटों ने भाग लिया और 85 स्टार्टअप विचारों एवं समाधान प्रस्तावों पर कार्य कर देश की नवप्रवर्तन क्षमता को बढ़ाया।
लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने जानकारी दी कि परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को समर्पित, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के 21 निर्जन द्वीपों के आसपास विशेष नौकायन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, महान स्वतंत्रता सेनानी वीर बिरसा मुंडा और पेशवा बाजीराव की उपलब्धियों, सामाजिक सुधारों और गौरवशाली विरासत को स्मरण करने हेतु दो विशेष साइकिल यात्रा अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।
देश के 94,400 एनसीसी कैडेटों को ‘युवा आपदा मित्र योजना’ में नामित, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शुरू
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गृह मंत्रालय की ओर से देश के 315 जिलों के लगभग 94,400 एनसीसी कैडेटों को ‘युवा आपदा मित्र योजना’ के अंतर्गत नामित किया गया है। इन कैडेटों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से मार्च 2026 तक आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे युवा आपातकालीन परिस्थितियों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
शिविर में उपराष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, राज्य मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री, रक्षा सचिव, रक्षा प्रमुख एवं थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुख सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही। सभी गतिविधियाँ 28 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री की प्रधान रैली के साथ संपन्न होंगी।
राष्ट्रीय शिविर: देशभक्ति के साथ तकनीकी कौशल, नवाचार और युवा नेतृत्व को मिला बढ़ावा
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इस राष्ट्रीय शिविर के माध्यम से केवल देशभक्ति ही नहीं, बल्कि तकनीकी कौशल, नवाचार और युवा नेतृत्व को भी बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले कैडेटों ने ड्रोन उड़ाने, नवाचार सृजन, साइकिल यात्रा और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के जरिए अपने नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह कार्यक्रम युवा शक्ति, संगठनात्मक क्षमता और देशभक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है। आयोजकों ने इसे ऐतिहासिक, प्रेरक और तकनीकी दृष्टि से उन्नत कार्यक्रम करार दिया है।
