बिजनौर (शिखर समाचार)। नवरात्र के पहले दिन ही नजीबाबाद क्षेत्र में कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी और पकौड़ी खाना कई लोगों पर भारी पड़ गया। अलग-अलग गांवों के करीब 10 लोग फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्या से बीमार हो गए, जिन्हें उपचार के लिए निजी चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा।
कुट्टू के आटे से बिगड़ी तबीयत
मंडावली क्षेत्र के ग्राम लाहक शाहपुरा, शेखपुरा आलम, सिकरोड़ा, राजपुर नवादा और हरेवली निवासी कविता, गीता, रीना, राधिका, कल्पना, शिवाय, वर्षा, रोहित, सत्यप्रकाश और प्रीति ने नवरात्र के पहले व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी और पकौड़ी का सेवन किया था। भोजन के कुछ ही समय बाद सभी को पेट में जलन, उल्टी और घबराहट की शिकायत शुरू हो गई।
अस्पताल में भर्ती, जांच शुरू
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परिजनों ने हालत बिगड़ने पर सभी को मंडावली स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। सूचना मिलने पर मंडावली पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेश कुमार ने भी पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संबंधित कुट्टू का आटा नजीबाबाद के गांधी किराना स्टोर से खरीदा गया था, जिसके बाद दुकान से आटा सीज कर सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद के डॉ. गौरव गुप्ता ने मरीजों का हाल जाना। उपचार कर रहे डॉ. मनुज के अनुसार सभी मरीजों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए, जिनमें पेट में जलन और उल्टी प्रमुख हैं। समय पर इलाज मिलने से सभी की हालत में सुधार बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि व्रत के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
